Buy Books India | Online BookStore

Author name: narayanduttshrimali

Maheshwari Tantra

Maheswari Tantra महेश नवमीं 03 जून 2017 शिव का पौराणिक स्वरूप ‘महेश’ विलय, संहार, परिवर्तन के देव शत्रु बाधा, वाद-विवाद, षड्यंत्र, धन-हानि निवार्णाथ शिव उच्चरित तंत्र माहेश्‍वरी तंत्र शिव को आदि और अनादि माना गया है, हिन्दू धर्म में वे ही सर्वोच्च हैं। शिव का विशिष्ट स्वरूप ‘महेश’ – महा+ईश शब्दों को मिला कर बना […]

Maheshwari Tantra Read More »

GURU DIKSHA

GURU DIKSHA गूरूमंत्र की महिमागुरुमंत्रो मुखे यस्य तस्य सिद्धयन्ति नान्यथा |दीक्षया सर्वकर्मणी सिद्धयन्ति गुरुपुत्रके || ” जिसके मुख में गुरुमंत्र है उसके सब कर्म सिद्ध होते है | दूसरे के नहीं | दीक्षा के कारण शिस्य के सर्व कार्य सिद्ध हो जाते है “गुरु दीक्षा लेना आध्यात्मिक जीवन का श्री गणेश करना है । और

GURU DIKSHA Read More »

सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्रम्॥

सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्रम्॥ शरदपूर्णिमा से पूरे कार्तिक पूर्णिमा तक लक्ष्मी साधनाएं अवश्य करनी चाहिए।श्री गणेशाय नमः। श्री गुरुवे नम:!!ॐ अस्य श्रीसिद्धिलक्ष्मी स्तोत्रस्य हिरण्यगर्भ ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः, सिद्धिलक्ष्मीर्देवता, मम समस्त दुःख क्लेश पीडा दारिद्र्य विनाशार्थंसर्वलक्ष्मी प्रसन्नकरणार्थं महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती देवता प्रीत्यर्थं च सिद्धिलक्ष्मी स्तोत्र जपे विनियोगः । करन्यास।।ॐ सिद्धिलक्ष्मी अङ्गुष्ठाभ्यां नमः ।ॐ ह्रीं विष्णुहृदये तर्जनीभ्यां नमः ।ॐ

सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्रम्॥ Read More »